कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है,

बातों ही बातों में ये दिल खो गया है।

चुप सा मेरा मन था जो,

आज खुल के वो भी बोल गया है।

चुपके से किसी साये ने दिल छुआ,

छुआ तो दिल को कुछ हुआ,

कमाल तो देखो ज़िंदगी का,

रोशनी का एहसास एक साये से हुआ।

सुना तो बोहोत था इश्क़ का,

पर महसूस न कर पाया था,

रूह को किसी ने देखा नहीं,

ज़िंदगी भर बस चेहरा छिपपाया था ।

पर अब किसी ने देख लिया

और दिल को दिया सुकून,

उसको देखते ही राहत मिलती,

और मन में जागता जुनून।

मेरे लिए बस वही है,

वही है जो सही है,

मील गया ऐसा हमसफर,

फिर भी मिला नहीं है।

इश्क़ हुमें भी करना था,

दुनिया से अब न डरना था,

याद नहीं था की आखिर,’

ये सब एक सपना था।

सपने रोज़ ऐसे सजते है,

इन सपनों से हम भी,

इन सपनों से ही खुशी है,

इन सपनों से ही घम भी। –